Bundelkhand Industrial Development Authority

बुंदेलखंड में बीड़ा से विकास की रफ्तार तेज, हजारों को मिलेगा रोजगार

Jhansi News: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने जमीन खरीद की प्रक्रिया को पांच जोन में बांट दिया है। अब 33 गांवों में फैली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी संबंधित उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपी गई है। वे पंचायत भवन में बैठकर भू-स्वामियों से प्रतिदिन सहमति पत्र लेंगे।

बीड़ा में होगा औद्योगिक विकास का नया चरण

बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीड़ा) की स्थापना झांसी के 33 गांवों में की जा रही है। कुल 56,662 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस औद्योगिक क्षेत्र का मास्टर प्लान प्रसिद्ध सिंगापुर की कंपनी द्वारा तैयार किया गया है। अब तक लगभग 20 हजार एकड़ भूमि की खरीद पूरी हो चुकी है, जिसमें 10 हजार से अधिक काश्तकारों को 2700 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।

हालांकि अभी तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तहसील की टीमों को गांव-गांव जाकर भू-स्वामियों से सहमति लेनी पड़ती थी, लेकिन अब इस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।

पांच जोनों में बांटे गए गांव, एसडीएम को सौंपी निगरानी

बीड़ा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बिमल कुमार दुबे ने जानकारी दी कि अब 33 गांवों को पांच जोनों में विभाजित कर दिया गया है। हर जोन में एसडीएम के साथ एक लेखपाल और पंचायत सचिव/सहायक की टीम तैनात रहेगी। ये अधिकारी संबंधित पंचायत भवन में प्रतिदिन मौजूद रहेंगे और वहां आने वाले भू-स्वामियों से जमीन बिक्री के लिए सहमति पत्र लेंगे।

इसके साथ ही बैनामा से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण भी मौके पर किया जाएगा, जिससे जमीन खरीद प्रक्रिया सरलीकृत और पारदर्शी हो सके।

12 अगस्त को छह गांवों में विशेष शिविर

बीड़ा सीईओ ने बताया कि जिन गांवों में राजस्व सर्वे प्रक्रिया पूरी हो चुकी है – कलोथरा, बाजना, बरूआपुरा, डगरवाहा, गागौनी और बछौनी – वहां 12 अगस्त को विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में अविवादित विरासत से जुड़े लंबित प्रकरणों का निपटारा कर खतौनी को अपडेट किया जाएगा। इससे भूमि अभिलेखों का नवीनीकरण संभव होगा और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

युवाओं को मिलेंगे रोजगार 

बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को नया स्वरूप दिया है। पंचायत भवनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही सहमति पत्र एकत्र करना और समस्याओं को सुलझाना इस परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने में मदद करेगा। बीड़ा झांसी परियोजना से न केवल क्षेत्रीय विकास होगा, बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।